दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की 21 दिन की जमानत कल खत्म हो रही है। इससे पहले उन्होंने शुक्रवार (31 मई) को वीडियो जारी कर केंद्र सरकार और जेल अधिकारियों पर खुद को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा- देश को तानाशाही से बचाने के लिए जेल जा रहा हूं। मैं परसों 3 बजे सरेंडर करूंगा। इस बार मेरे प्राण चले जाएं तो गम मत करना। जेल में मुझे प्रताड़ित करने की फिर कोशिश होगी। इन्होंने मुझे झुकाने की कोशिश पहले भी की है, लेकिन ये सफल नहीं हुए। मैं जब जेल में था तो इन्होंने मुझे बहुत प्रताड़ित किया। मेरी दवाइयां रोक दी थीं। मैं 30 साल से डायबिटीज का मरीज हूं। मुझे 10 साल से इंसुलिन के इंजेक्शन लग रहे हैं। दरअसल, शराब नीति घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर ED ने केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दी थी।
केजरीवाल पर सुप्रीम कोर्ट में अब तक 7 बार हुई सुनवाई...
- 17 मई को दिल्ली शराब नीति में ED ने राउज एवेन्यू कोर्ट में 8वीं चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें केजरीवाल और AAP का नाम शामिल है। इसकी जानकारी ED ने सुप्रीम कोर्ट भी उसी दिन दी थी।
- 16 मई को ED की गिरफ्तारी के विरोध में केजरीवाल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हमने केजरीवाल को विशेष छूट नहीं दी है। ED का दावा था कि केजरीवाल जमानत पर बाहर जाने के बाद चुनावी भाषणों में कह रहे हैं कि अगर लोगों ने AAP को वोट दिया तो मुझे 2 जून को जेल नहीं जाना पड़ेगा।
- 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी। लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए केजरीवाल को 1 जून तक राहत मिली है। उन्हें 2 जून को हर हाल में सरेंडर करने को कहा गया है। जमानत मिलने के बाद केजरीवाल 10 मई को 39 दिन बाद तिहाड़ जेल से बाहर आए थे।
- 7 मई को केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर फैसला सुनाए बिना सुप्रीम कोर्ट की बेंच उठ गई। सुबह साढ़े 10 बजे सुनवाई शुरू होने के बाद लंच से पहले तक कोर्ट ने जमानत की शर्तें तय कर ली थीं। हालांकि, तब ED ने कहा कि केजरीवाल के वकील को 3 दिन सुना गया। हमें भी पर्याप्त समय दिया जाए। पूरी खबर पढ़ें...
- 3 मई को सुनवाई दो घंटे चली थी। इस लंबी बहस के बाद बेंच ने कहा था कि मेन केस यानी जिसमें केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती दी है, इसमें समय लग सकता है। लोकसभा चुनाव को देखते हुए केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर विचार किया जा सकता है, ताकि वे कैंपेन में हिस्सा ले सकें।
- 30 अप्रैल की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी की टाइमिंग पर सवाल उठाए थे। ED से पूछा था कि चुनाव के पहले ऐसा क्यों किया?
- 29 अप्रैल की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल से ED के नोटिस पर सवाल पूछे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपको ED ने जो नोटिस भेजे, आपने उन्हें नजर अंदाज क्यों किया। आप गिरफ्तारी और रिमांड के खिलाफ यहां आए, आपने जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट क्यों नहीं गए। केजरीवाल के वकील सिंघवी ने कहा था कि गिरफ्तारी अवैध है इसलिए।
- 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने ED को नोटिस देकर गिरफ्तारी पर जवाब मांगा था। सुनवाई के दौरान हलफनामे में ED ने कहा कि कई बार समन भेजे जाने के बावजूद उन्होंने एजेंसी के साथ सहयोग नहीं किया। ED ने यह भी कहा कि केजरीवाल को किसी दुर्भावना या दूसरे कारणों से गिरफ्तार नहीं किया गया है। उनकी गिरफ्तारी जांच का हिस्सा है।

